Shayari – 12


हस्ते चेहरे देखकर,  मैंने भी हसने का सोचा।

चल पड़ा मुस्कान खरीदने,  बनावटी मुस्कुराहट के बाजार में।

मालूम नहीं था सच्ची मुस्कुराहट मिलती नहीं।

– Ashish Kumar