अपना हिन्दुस्तान |


As Independence day is coming closer i.e on 15th August. So here is my first take on a poem which is of patriotic theme. I hope it will be liked by you all… 🙂 Happy Independence day… 🙂

ये धरती है बहुत पावन |
यहाँ का हर रंग है मन भावन  |
जिसके सिर पे हिमालय का है ताज |
जो है हम सबका सरटाज़ |
शान से सदियों पे जिस पर हमे है गर्व |
हर रोज़ होता हैं यहाँ कोई पर्व |
है जिसका हमें अभिमान |
कोई और नहीं …
वो है अपना हिन्दुस्तान |

खून से सींचा है जिसे शहीदों ने |
जिसके लिए सर कटा दिया वीरों ने |
ये माटी है बहुत ही अनमोल |
जो बोलती है हमेशा मीठे बोल |
गोद मे संजोया है जिसने हमे |
माँ की तरह पाला है जिसने हमे |
होता है जिसपे हमें गुमान |
कोई और नहीं …
वो है अपना हिन्दुस्तान |

india2

देश है एक पर भाषा अनेक |
जहाँ के लोग हैं सॉफ और नेक |
है कौन जो इस से प्यार नहीं करेगा |
ढूँदने पर भी ब्रह्मांड में ऐसा देश नहीं मिलेगा |
इसकी वातावरण मे एक अनोखी खुशबू है |
जो कहीं और मिलती नहीं है |
है जहाँ पर सबका मान और सम्मान |
कोई और नहीं …
वो है अपना हिन्दुस्तान |

जिसने किया है संसार पर अनेकों उपकार |
क्यूँ न करे हम उस धरती से प्यार |
यही वो जगह है जहाँ स्वर्ग है बस्ता |
हर दिल मे हिन्दुस्तान है रहता |
इसकी तारीफ कोई लिख नहीं पाएगा |
लिखने भी लगे तो स्याही कम पर जाएगा |
जिसके हर एक कन मे अनोखी ताक़त है |
वो तो अपना भारत है |
नहीं होता है जहाँ किसी का अपमान |
कोई और नहीं …
वो तो है सिर्फ़ अपना हिन्दुस्तान |
अपना हिन्दुस्तान …

india1

  – Ashish Kumar

44 thoughts on “अपना हिन्दुस्तान |

  1. Dear Ashishji,

    Mein Aapko mere tahe dil se naman karta hoon. Aaise shabd likhe hai aapne jo hamare bharat desh ke liye maine abhi tak kahi nahi paade, aur garv hota hai mujhe aapne hindustani hone par. Shubanallah. .keep it up. Happy writing more such poems 🙂

    Liked by 1 person

              1. Hahaha… yes, that might have been confusing…lol We lived in the States for a while and my son was born over there. Also I call California my second home, and some other things. So I feel very connected 🙂

                Liked by 1 person

    1. Welcome to my blog… 🙂
      Thank you for reading and liking the poem…
      Shukriya wo mistake batane ko. Wo software problem ke karan ho raha hai main fir se koshish karunga use thik karne ki… 🙂 Bahut bahut dhanyawad jo apko ye kavita acchi lagi…
      keep visiting… 🙂

      Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s