बाज़ार |


धू – धू  कर जलती सपनों की दास्ताँ |
शहादत में मिली है ज़ख्मों का कारवां |
लाखों हैं यहाँ बनावटी  चेहरे |
हर वक़्त देते हैं बेवजह पहरे |

शब्दों का कोई मोल नहीं |
भरोसा किसी पर नहीं |
लोग यहाँ मिलते हैं हर रोज़ |
बना देते हैं हर बात का गठजोर |

इन्सान इन्सान का नहीं होता |
इसलिए तो हर क़दम पर वो है रोता |
ये दुनिया है एक ऐसा बाज़ार |
जहाँ सबकुछ होता  है तार – तार |

खून के आंसुओ को भी पीना परता है कभी |
दिल रोता है तो मनाना  भी परता है कभी |
कौन सुनता है यहाँ किसी की आवाज़ |
इसलिए तो कहते हैं : ” दफना दिया करो हर राज़ |”
क्यूंकि …
ये दुनिया है एक ” अनोखा बाज़ार …”

– आशीष कुमार

38 thoughts on “बाज़ार |

  1. बहुत बहुत सुन्दर रचना ,यथार्थ से रूबरू कराती हुई। हर शब्द कह रहा है हाँ ! ” ये दुनिया है एक अनोखा बाज़ार ”

    Like

  2. Alpana Jaiswal

    We accept the reality of the world with which we are presented……Each person’s reality is simply their perspective. There is an objective reality and then there’s the 'truth' that has been shaped by human experience and emotion. Truth is often intentionally or unintentionally obscured by individuals pursuing outcomes different that those of harsh reality. There is always more to life than we know.
    Very well written!

    Like

  3. बहुत सुन्दर कविता…
    भाव अच्छे हैं….
    indiblog में आपका मेसेज देख यहाँ आना हुआ.
    लिखते रहिये…
    शुभकामनाएं!!!
    अनु
    ps- “परता” है को “पड़ता” कर लीजिये.

    Liked by 1 person

  4. sachayio ke bich haqiqat izhar h ye….
    waqt ke sahi chehre ka didar h ye….
    kis tarah bik rhi h ye dunia….
    sab ko kehta “baazar” hai ye…

    bhut achchha,haqiqat ko apne bhut se se byan kiye…..

    god bless you….

    likhte rahiye……

    Like

  5. Pingback: Shayari – 8 – ashish-vision

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s